काशी के प्रसिद्ध बाबा बटुक भैरव मंदिर में हरियाली एवं जलविहार श्रृंगार का भव्य आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया। इस विशेष अवसर पर पूरे मंदिर प्रांगण को आकर्षक फूल-मालाओं, फलों और हरी-भरी पत्तियों से सजाया गया। बाबा बटुक भैरव की अलौकिक झांकी के दर्शन के लिए भोर से ही श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना शुरू हो गया। देखते ही देखते भक्तों की लंबी कतार लग गई और जय-जयकार के बीच श्रद्धालुओं ने बाबा के दिव्य स्वरूप का दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।हरियाली श्रृंगार के दौरान मंदिर परिसर का नजारा बेहद मनोहारी नजर आया। चारों ओर हरियाली, फूलों और प्राकृतिक सजावट ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। वहीं, जलविहार के अवसर पर बाबा बटुक भैरव की झांकी गहरे जल के बीच विशेष रूप से सजाकर सुशोभित की गई, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। जल के मध्य सजे बाबा के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर भक्त भावविभोर नजर आए।
मंदिर में श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए पत्तियों और हरियाली से गुफानुमा मार्ग तैयार किया गया था। इसी मार्ग से होकर भक्त बाबा के दरबार तक पहुंच रहे थे। गुफा के बीच से होकर बाबा के दर्शन करने को लेकर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में खासा उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालु बाबा के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे और मंदिर परिसर भक्तिमय उद्घोष से गूंजता रहा।भोर से ही दर्शन के लिए पहुंची श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण मंदिर परिसर में विशेष चहल-पहल रही। भक्तों में बाबा के अलौकिक श्रृंगार के दर्शन को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। कई श्रद्धालु बाबा के जलविहार और हरियाली स्वरूप को अपने मोबाइल कैमरे में भी कैद करते नजर आए।
मंदिर के महंत भास्कर पुरी जी ने बाबा के विशेष दर्शन-पूजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हरियाली एवं जलविहार श्रृंगार बाबा बटुक भैरव की आराधना में विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि बाबा के इस मनोहारी स्वरूप का दर्शन श्रद्धालुओं में आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति का संचार करता है। विशेष श्रृंगार के माध्यम से प्रकृति और आध्यात्मिकता के सुंदर समन्वय का अनुभव भक्तों को होता है।उन्होंने बताया कि बाबा बटुक भैरव काशी के क्षेत्रपाल माने जाते हैं और उनके दर्शन-पूजन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु काशी पहुंचते हैं। विशेष पर्वों और श्रृंगार के अवसर पर बाबा के दरबार में श्रद्धालुओं की आस्था और भी बढ़ जाती है।
हरियाली एवं जलविहार श्रृंगार के दौरान मंदिर में भक्ति, आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। बाबा के अलौकिक स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर बाबा बटुक भैरव के जयकारों से गूंजता रहा।


