वाराणसी समेत पूर्वांचल में मानसून की विदाई इस बार तय समय से आगे खिसक सकती है। चक्रवात अर्नब के असर से मौसम का मिजाज बदला है और मानसून की वापसी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आकर थम गई है। सामान्य तौर पर अक्टूबर के पहले सप्ताह तक मानसून पूर्वांचल से विदा होने लगता है और 10 अक्टूबर तक प्रदेश से इसकी वापसी पूरी हो जाती है। इस बार यह प्रक्रिया धीमी पड़ गई है।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले एक सप्ताह से मानसून पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में ही सक्रिय बना हुआ है। सामान्य परिस्थितियों में सितंबर के अंत तक मानसून मध्य यूपी को पार कर जाता है, लेकिन चक्रवातीय परिस्थितियों के कारण इसकी वापसी आगे नहीं बढ़ सकी। पूर्वांचल में फिलहाल मानसूनी गतिविधियां कमजोर हैं। अनुमान है कि यहां से मानसून की विदाई में अभी करीब दस दिन का समय लग सकता है।
इस बीच वाराणसी और आसपास के जिलों में मौसम धीरे-धीरे बदलने लगा है। दिन में धूप निकलने के साथ रात के समय हल्की ठंडक महसूस होने लगी है। उमस में कमी आने से स्थानीय स्तर पर गर्मी और बादल बनने की प्रक्रिया भी कमजोर हुई है, जिससे बारिश की संभावना घट रही है। मानसून के लौटने के बाद पूर्वांचल में गुलाबी ठंड का दौर शुरू होने की उम्मीद है।


