वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में राजभाषा हिंदी के प्रभावी और अधिकाधिक प्रयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 24 सितंबर को बरेका राजभाषा कार्यान्वयन समिति (बराकास) की तिमाही बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने की।बैठक को संबोधित करते हुए महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने अधिकारियों से कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अनुवाद पर निर्भरता कम करते हुए मूल रूप से हिंदी में कार्य करने की आदत विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को राजभाषा से जुड़े निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करने के निर्देश दिए।
कवच’ पर हिंदी में दी गई तकनीकी प्रस्तुति
बैठक के दौरान तकनीकी विषयों को हिंदी में प्रस्तुत करने की पहल भी देखने को मिली। मुख्य अभिकल्प इंजीनियर-विद्युत अनुराग कुमार गुप्ता ने ‘कवच’ विषय पर हिंदी में पावर प्वाइंट प्रस्तुति दी। उन्होंने कवच की कार्यप्रणाली, उपयोगिता और तकनीकी पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी।इस प्रस्तुति के माध्यम से तकनीकी विषयों को भी हिंदी में सरल और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने का संदेश दिया गया।
राजभाषा कार्यों की हुई समीक्षा
इसके बाद रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित कार्यसूची के अनुसार बरेका में राजभाषा हिंदी के प्रयोग और प्रगति से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने विभागवार प्रगति की जानकारी दी, जिसके बाद आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।बैठक में प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर मनीष कुमार, प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर विवेक शील, प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक आलोक अग्रवाल, प्रमुख मुख्य इंजीनियर राम जन्म, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी लालजी चौधरी, प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी अंकुर चंद्रा, महानिरीक्षक-सह-प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त देवराज कुमार मौर्य, उप महाप्रबंधक सागर समेत विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।बैठक की शुरुआत मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं मुख्य यांत्रिक इंजीनियर (उत्पादन एवं विपणन) राम जन्म चौबे ने अधिकारियों के स्वागत के साथ की। उन्होंने बरेका में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों और अब तक की प्रगति की जानकारी दी। बैठक का संचालन भी राम जन्म चौबे ने किया।


