राष्ट्रीय राजमार्ग-233 से प्रभावित किसानों ने लंबित मुआवजे और वर्षों से बकाया वैधानिक ब्याज के भुगतान की मांग को लेकर जिलाधिकारी वाराणसी को पत्रक सौंपा। किसान सूर्यनाथ सिंह ने पत्रक के माध्यम से किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने और अधूरे राष्ट्रीय राजमार्ग पर संचालित ढेरही टोल प्लाजा को तत्काल बंद कराने की मांग की।
पत्रक में कहा गया कि वर्ष 2012 से राष्ट्रीय राजमार्ग-233 के निर्माण और भूमि अधिग्रहण के चलते हजारों किसान परिवार आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। किसानों की भूमि अधिग्रहित होने के बावजूद अनेक प्रभावित किसानों को लंबे समय तक मुआवजा नहीं मिल सका। पत्रक के अनुसार अब तक करीब 169 करोड़ रुपये के मुआवजे का भुगतान किया जा चुका है, लेकिन कई किसानों का भुगतान और वर्षों से लंबित ब्याज का मामला अभी भी पूरी तरह हल नहीं हुआ है।
किसानों का कहना है कि एक ओर सड़क निर्माण अभी भी कई स्थानों पर अधूरा है, वहीं दूसरी ओर ढेरही टोल प्लाजा के माध्यम से टोल वसूली की जा रही है। पत्रक में यह भी आरोप लगाया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के दौरान क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुराने पेड़ों की कटाई से पर्यावरण को नुकसान हुआ।
सूर्यनाथ सिंह ने बताया कि किसानों और क्षेत्रीय लोगों की ओर से समस्या को लेकर 21 फरवरी 2024, 15 सितंबर 2024 और 23 मार्च 2025 को धरना-प्रदर्शन भी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि किसान विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन अधूरी सड़क पर टोल वसूली बंद करने, लंबित मुआवजा दिलाने और वर्षों से बकाया ब्याज का भुगतान कराने की मांग कर रहे हैं।


