वाराणसी के नक्खीघाट इलाके में वरुणा-गंगा का पानी घुसने से बुनकरों का कारोबार पूरी तरह ठप हो गया है। हिदायत नगर के रहने वाले इकबाल अहमद के घर में 5 फीट तक पानी भरा है और उनके दो लूम 10 दिन से बंद हैं। बुनकरों का कहना है कि लूम में पानी आने के बाद जमीन सूखने तक काम शुरू नहीं हो सकता, नहीं तो मकान और साड़ी दोनों को नुकसान होगा।
बुनकर ने बताया कि हर साल बाढ़ में उन्हें औरतों और बच्चों को किराये के मकान में भेजना पड़ता है, लेकिन मकान में चोरी के डर से पुरुष ऊपर के तल पर ही रहते हैं। इसी इलाके के इस्लाम के घर में दो लूम पर साड़ियां लगी थीं, रात में अचानक पानी भरने से आधी बनी साड़ियां उतारनी पड़ीं जिससे सारा मटेरियल बर्बाद हो गया।
बुनकरों का कहना है कि पानी के आने-उतरने में एक महीना लग जाता है और 3 महीने तक कारोबार बंद रहता है। लूम पर दोबारा कपड़ा चढ़ाने के लिए पूंजी चाहिए, लेकिन अब कोई पूंजी नहीं बची। बुनकरों ने सरकार से आर्थिक मदद की मांग की है।


