यूजीसी के विरोध में शास्त्री घाट पर चल रहे अनशन के समर्थन में जाने से पहले करणी सेना के जिलाध्यक्ष आलोक कुमार सिंह को पार्वती नगर स्थित उनके आवास पर पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। इसकी जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में करणी सेना के कार्यकर्ता उनके आवास पर पहुंचने लगे। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
करणी सेना के जिलाध्यक्ष और कार्यकर्ता शास्त्री घाट जाने की मांग पर अड़े रहे। बाद में कार्यकर्ता महावीर चौराहे की ओर बढ़े तो नारेबाजी के बीच अफरातफरी की स्थिति बन गई और चारों तरफ जाम लग गया। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया, इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई। कार्यकर्ता शास्त्री घाट जाने की जिद पर अड़े रहे और वहीं बैठ गए। इधर, शास्त्री घाट पर भी भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस अधिकारियों ने आलोक कुमार सिंह को समझाते हुए धरना न देने की अपील की। कैंट एसीपी प्रज्ञा पाठक के समझाने के बाद जिलाध्यक्ष ने शास्त्री घाट न जाने पर सहमति जताई। हालांकि उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से धरना दे रहे लोगों को रात में उठाकर अस्पताल भेजना गलत है। तीन अलग-अलग लोगों को तीन अस्पतालों में भेजे जाने पर भी उन्होंने सवाल उठाया।
आलोक सिंह ने कहा कि करणी सेना भी यूजीसी के विरोध में है और सरकार को यूजीसी वापस लेना चाहिए। उन्होंने इस मुद्दे पर संगठन की ओर से बड़े आंदोलन की बात कही। बताया कि करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष जल्द ही वाराणसी में आंदोलन करेंगे, जिसकी तारीख बाद में घोषित की जाएगी।
इस दौरान अंबेडकर चौराहे के पास दूसरे संगठन के छह लोगों को भी पुलिस ने हिरासत में लेकर वैन से वहां से रवाना कर दिया। पूरे घटनाक्रम के दौरान काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा। मौके पर एलआईयू प्रभारी योगेंद्र सिंह, लालपुर इंस्पेक्टर अतुल कुमार सिंह, कैंट इंस्पेक्टर राजकिशोर पांडेय समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।


