सहारनपुर में 1911 में बनी मस्जिद को ध्वस्त किए जाने के विरोध में संयुक्त वामपंथी एवं जनवादी दलों ने वाराणसी में जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। दलों ने घटना को कानून के शासन और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि सहारनपुर की मस्जिद को 4 सितंबर की रात और 5 सितंबर की सुबह के बीच नगर मजिस्ट्रेट के आदेश पर ध्वस्त किया गया। वामपंथी दलों ने आरोप लगाया कि कार्रवाई सप्ताहांत में की गई, जिससे प्रभावित पक्ष को उच्च न्यायालय जाने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल सका।
दल प्रतिनिधियों ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था, विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई और कथित निगरानी को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और दमन की राजनीति के चलते संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक मर्यादाएं प्रभावित हो रही हैं।
ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल से उत्तर प्रदेश में कानून का राज सुनिश्चित करने, मस्जिद ध्वस्तीकरण के लिए जिम्मेदार राजनीतिक एवं सरकारी अमले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा सहारनपुर की ध्वस्त मस्जिद की इंतजामिया कमेटी को न्याय दिलाने की मांग की गई। वामपंथी दलों ने कहा कि जनता भय और विभाजन की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी।


