रोहनिया थाना क्षेत्र के खनाव गांव स्थित वर्सोवा हॉस्पिटल में भर्ती 85 वर्षीय दुर्गावती देवी की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और स्टाफ पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतका खनाव गांव के पूर्व प्रधान सुरेंद्र राजभर की माता थीं।
परिजनों के मुताबिक, दुर्गावती देवी को करीब चार दिन पहले वायरल फीवर के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका कहना है कि इलाज के दौरान उनकी हालत में सुधार था और एक दिन पहले उन्होंने खिचड़ी भी खाई थी। मंगलवार को उन्हें डिस्चार्ज किए जाने की उम्मीद थी।
मृतका के भतीजे रविंद्र राजभर का आरोप है कि मंगलवार सुबह अचानक सांस लेने में परेशानी होने पर दुर्गावती देवी ने नर्स से ऑक्सीजन हटाने को कहा। आरोप है कि इसके बाद नर्स ने उनके हाथ-पैर बांध दिए और इसी दौरान उनकी हालत बिगड़ने से मौत हो गई।
घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्था और इलाज की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज और उपचार से जुड़े अभिलेखों की जांच कराने तथा लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
फिलहाल महिला की मौत की वास्तविक वजह और अस्पताल स्टाफ की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। अस्पताल प्रबंधन की ओर से आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


