वाराणसी में जलभराव की समस्या को लेकर पहली बड़ी कार्रवाई की गई है। मंत्री एके शर्मा के निर्देश पर उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) के अधिशासी अभियंता पवन कुमार गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है। उन पर चौकाघाट सीवेज पंपिंग स्टेशन और गोइठहां एसटीपी के पंप समय पर नहीं चलाने का आरोप है। भारी बारिश के दौरान पंपों के संचालन में लापरवाही के चलते शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी।
निलंबन आदेश के मुताबिक, 3 और 4 सितंबर 2026 को चौकाघाट सीवेज पंपिंग स्टेशन और गोइठहां एसटीपी के पंप बंद रखे गए थे। आरोप है कि पंपों का समय से संचालन नहीं हुआ, जिससे सीवर लाइनों पर दबाव बढ़ा और निचले इलाकों में पानी भर गया। इसके अलावा चौकाघाट पंपिंग स्टेशन पर नदी के बैकफ्लो को रोकने के लिए जरूरी गेट और बैरियर लगाने की कार्ययोजना तैयार नहीं करने का भी आरोप है। मामले में विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
मंत्री एके शर्मा ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि जनता की सुविधा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लापरवाही करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। पवन कुमार गुप्ता को निलंबन अवधि में उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) के कार्यालय मुख्य अभियंता, कानपुर क्षेत्र से संबद्ध किया गया है। उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक अनुशासन एवं अपील नियमावली-1999 के तहत विभागीय जांच शुरू की गई है।


