वाराणसी में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु पार कर गया है। 84 घाट जलमग्न हैं और मणिकर्णिका घाट पर शवदाह छत पर किया जा रहा है। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट की गलियों में पानी घुस गया है, जल पुलिस थाने में भी पानी भर गया है और सभी घाटों का संपर्क टूट गया है।
गंगा के साथ वरुणा नदी भी उफान पर है। वरुणा किनारे सरैया, नक्खी घाट, शैलपुत्री, शलारपुर समेत 30 हजार घरों के करीब बाढ़ का पानी पहुंच गया है। वरुण क्षेत्र के करीब 10 हजार परिवारों को घर खाली करना पड़ सकता है। गंगा का पानी आबादी और गलियों में घुस गया है, जिससे गलियों में नावें चल रही हैं।
बाढ़ से व्यापार ठप हो गया है। अस्सी घाट के दुकानदार दुकानों के आगे दीवार बना रहे हैं। नाविक पवन ने कहा कि नाव बंद होने से घर चलाना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल यही स्थिति होती है और घर छोड़ने के बाद चोरी का डर बना रहता है।


