25 अगस्त को हुई तेज बारिश के बाद काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के सर सुंदरलाल अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर के आसपास बड़े पैमाने पर जलभराव हो गया था। मरीजों और तीमारदारों को घुटने भर पानी के बीच अस्पताल पहुंचना पड़ा। कई महिलाएं छोटे बच्चों को गोद में लेकर पानी पार करती नजर आईं।
जलभराव की समस्या को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की तैयारियों पर भी सवाल उठे। घटना के बाद बीएचयू प्रशासन ने जल निकासी के स्थायी समाधान के लिए मास्टर प्लान बनाने की बात कही थी, लेकिन करीब एक सप्ताह बाद भी नगर निगम और बीएचयू की संयुक्त कमेटी का गठन नहीं हो सका।
अब नगर निगम ने समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में काम शुरू कर दिया है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बीएचयू प्रशासन के साथ मिलकर ‘स्टॉर्म वाटर’ योजना तैयार करने की जानकारी दी। इसके तहत बारिश के पानी की निकासी के लिए नाले की ड्राइंग और डिजाइन तैयार कराई जा रही है, ताकि हर साल होने वाले जलभराव से अस्पताल परिसर और आसपास के क्षेत्रों को राहत मिल सके।


