प्राचीन काली मठ में आयोजित तीन दिवसीय संगीत महोत्सव की द्वितीय निशा भव्य धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर माता काली का पंचमेवा श्रृंगार किया गया। पं. विकास दुबे ‘काका गुरु’ ने माता को पंचामृत स्नान कराया, जबकि महंत पं. ठाकुर प्रसाद दुबे ने महाआरती उतारी।
सायंकाल गीतकार कन्हैया दुबे ‘केडी’ के संयोजन एवं संचालन में देर रात तक सुप्रसिद्ध कलाकारों ने गायन, वादन और नृत्य की प्रस्तुतियां दीं। ‘काशी सोल ऑफ म्यूजिक’ के कलाकारों ने प्रसिद्ध तबला वादक पंकज राय के नेतृत्व में बांसुरी, सितार और पखावज की प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
पं. रविशंकर मिश्र और डॉ. ममता टंडन ने कथक की बारीकियों को दर्शाते हुए देवी स्तुति ‘या देवी सर्वभूतेषु’ तथा राधा-कृष्ण पर आधारित भजनों पर कथक नृत्य प्रस्तुत किया। तबले पर भोलानाथ मिश्र और अवंतिका महाराज, जबकि गायन एवं हारमोनियम पर विशाल मिश्रा ने सहयोग किया। बाल कलाकार समर्थ मिश्रा और रुद्राक्ष पाठक ने सितार और तबले की युगलबंदी से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
बाल कलाकार यथार्थ दुबे ने और ओम तिवारी ने भजन प्रस्तुत किया। पुनीत जेटली ‘पागल बाबा’ तथा संस्कृति शर्मा समेत अनेक कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं और संगीतप्रेमियों का मन मोह लिया।


