वाराणसी में गंगा का पानी पीछे हटने के साथ ही घाटों पर गंदगी और कीचड़ की समस्या बढ़ गई है। सीढ़ियों और रास्तों पर मिट्टी जमा होने से लोगों का गुजरना मुश्किल हो रहा है। इसका असर गंगा स्नान करने आने वाले श्रद्धालुओं, घूमने पहुंचे पर्यटकों और नाव चलाने वालों पर पड़ रहा है। लोगों की परेशानी कम करने के लिए नगर निगम ने अलग-अलग घाटों पर सफाई अभियान शुरू कराया है। इसके तहत JCB और पंप की मदद से जमा मिट्टी और सिल्ट हटाई जा रही है।
शहर के कई प्रमुख घाटों पर सफाई की जरूरत है। अस्सी, मणिकर्णिका, दरभंगा, अहिल्याबाई और राजघाट सहित अन्य घाटों के रास्तों पर कीचड़ फैला हुआ है। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर लोगों की लगातार आवाजाही के कारण मुश्किलें अधिक हैं। वहीं, नमो घाट पर प्रस्तावित एयर शो की तैयारियों के मद्देनजर परिसर को साफ-सुथरा बनाने का काम तेज कर दिया गया है। नावों तक पहुंचने में यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए जेटी से वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था भी की गई है।
सफाई अभियान के दौरान मणिकर्णिका घाट से करीब 100 किलो कपड़ा और कचरा हटाया गया। नगर निगम ने नमामि गंगे की टीम के साथ मिलकर यह अभियान चलाया, जिसमें काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला के नेतृत्व में सफाई की गई। नगर निगम की ओर से अन्य घाटों पर भी सफाई का काम जारी है। सभी प्रभावित घाटों और उनके संपर्क मार्गों से सिल्ट हटने के बाद श्रद्धालुओं, पर्यटकों और नाविकों को राहत मिलने की उम्मीद है।


