वाराणसी में अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में मौसम ने करवट ली है। शुक्रवार सुबह आसमान साफ रहा और धूप निकलने से लोगों को राहत मिली। तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि हवा की रफ्तार 3 किलोमीटर प्रति घंटे रही। मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि फिलहाल एक सप्ताह तक बारिश की संभावना नहीं है। सुबह हल्का कोहरा दिखने और दिन की शुरुआत व शाम के वक्त ठंडक बढ़ने के आसार हैं।
मौसम में सुधार के बावजूद किसानों के सामने फसलों को बचाने की चुनौती बनी हुई है। हाल की बारिश और ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी फसलों को प्रभावित किया है। धान के पौधे गिरने से दाने की गुणवत्ता और पैदावार पर असर पड़ने की आशंका है। गन्ने के साथ उड़द, मूंग और तिल की फसलें भी प्रभावित हुई हैं। किसान शिव मंगल सिंह के मुताबिक, धान में दाना तैयार होने का अहम समय चल रहा है। इस दौरान फसल का गिरना किसानों के लिए आर्थिक नुकसान की वजह बन सकता है।
आने वाले दिनों में किसानों को खेतों की हालत देखकर जरूरी कदम उठाने होंगे। जलभराव वाले खेतों से अतिरिक्त पानी निकालना जरूरी है, ताकि जड़ों को नुकसान न पहुंचे। सब्जियों की तैयार उपज को समय पर खेत से निकालने और मिर्च व अरहर के पौधों को तेज हवा से बचाने पर भी ध्यान देना होगा। कृषि संबंधी सलाह के अनुसार, पौधों में बीमारी के संकेत दिखने पर निगरानी बढ़ानी चाहिए और बिना जरूरत पानी देने से बचना चाहिए।


