बीएचयू में पांच दिवसीय राष्ट्रीय प्लाज्मा विज्ञान प्रदर्शनी का शुभारंभ, कुलपति ने किया उद्घाटन

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के विज्ञान संस्थान स्थित भौतिक विज्ञान विभाग में पांच दिवसीय राष्ट्रीय प्लाज्मा विज्ञान प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ। प्लाज्मा अनुसंधान संस्थान, गांधीनगर के सहयोग से 12 से 16 अक्टूबर तक आयोजित इस प्रदर्शनी का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने किया। प्रदर्शनी का मुख्य विषय ‘पदार्थ की चौथी अवस्था: प्लाज्मा’ है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधार्थियों को आधुनिक विज्ञान एवं तकनीक में प्लाज्मा की भूमिका से परिचित कराया जा रहा है।

उद्घाटन समारोह में विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. संजय कुमार, विज्ञान संकाय के संकाय प्रमुख प्रो. अरुण देव सिंह तथा प्लाज्मा अनुसंधान संस्थान, गांधीनगर के वैज्ञानिक और अभियंता उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत और प्लाज्मा विज्ञान के महत्व पर चर्चा के साथ हुई। भौतिक विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. राजेंद्र कुमार सिंह ने विभाग की उपलब्धियों और प्लाज्मा विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्लाज्मा तकनीक ऊर्जा उत्पादन, पर्यावरण संरक्षण, चिकित्सा और औद्योगिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। भविष्य में संलयन ऊर्जा प्राप्त करने के साथ-साथ मेडिकल कचरे और कृत्रिम रंगों के पर्यावरण अनुकूल निस्तारण में भी इस तकनीक की उपयोगिता है।

कुलपति ने वैज्ञानिक सोच विकसित करने पर दिया जोर

कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों और शोधार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार तथा अनुसंधान के प्रति रुचि विकसित करने में सहायक होते हैं। वैज्ञानिक सिद्धांतों को उपकरणों, मॉडलों और प्रत्यक्ष प्रदर्शनों के माध्यम से समझने से विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होता है। उन्होंने विज्ञान को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।


जीवंत प्रदर्शन और आधुनिक तकनीक होंगे आकर्षण

पांच दिवसीय प्रदर्शनी में विद्यार्थियों को प्लाज्मा के गुणों और व्यवहार को समझने के लिए वैज्ञानिक मॉडल, उपकरण, जीवंत प्रदर्शन और संवादात्मक गतिविधियां देखने को मिलेंगी। इसके साथ ही आभासी वास्तविकता और अनुभवात्मक शिक्षण के माध्यम से विज्ञान की जटिल अवधारणाओं को सरल तरीके से समझाया जाएगा।


प्रदर्शनी में ऊर्जा, अंतरिक्ष अनुसंधान, स्वास्थ्य सेवाओं, संचार और आधुनिक उद्योगों में प्लाज्मा के उपयोग की जानकारी दी जाएगी। प्लाज्मा अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों के साथ संवाद के जरिए विद्यार्थी अनुसंधान की वर्तमान दिशा, वैज्ञानिक चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं के बारे में भी जान सकेंगे।


प्रो. रजनीश कुमार कर रहे आयोजन का संयोजन

प्रदर्शनी का संयोजन भौतिक विज्ञान विभाग के प्रोफेसर एवं प्लाज्मा साइंस सोसाइटी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो. रजनीश कुमार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आयोजन का उद्देश्य प्लाज्मा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और विद्यार्थियों को आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान से जोड़ना है।


उद्घाटन अवसर पर सनबीम वरुणा के विद्यार्थियों ने भी प्रतिभाग किया। इसके अलावा विज्ञान संस्थान के विभिन्न विभागों के शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी मौजूद रहे। आयोजकों के अनुसार, यह प्रदर्शनी 16 अक्टूबर तक चलेगी और विद्यार्थियों को विज्ञान के व्यावहारिक पक्ष को समझने के साथ भविष्य में शोध एवं तकनीकी शिक्षा के अवसरों से परिचित होने का मंच प्रदान करेगी।

Ktv News Varanasi

Greeting from KTV Channel, Varanasi Leading News and Social content Provider

Post a Comment

Previous Post Next Post