उत्तर प्रदेश में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का प्रभाव मौसम में बदलाव के रूप में सामने आने लगा है। बुधवार को लखनऊ में बारिश हुई, जबकि रायबरेली में भी बूंदाबांदी देखने को मिली। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। गुरुवार को 21 जिलों में भारी बारिश और ओले पड़ने की आशंका है, वहीं 38 जिलों में तेज आंधी और बिजली गिरने का खतरा बताया गया है। मौसम में इस बदलाव से तापमान भी 5 से 8 डिग्री तक नीचे जा सकता है।
मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसका असर खेती पर पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है, क्योंकि इस समय धान की कटाई चल रही है और गेहूं, सरसों व आलू की बुवाई की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि पकी हुई धान और मक्के की फसल को जल्द सुरक्षित कर लें। खेतों में पानी जमा होने से रोकने के लिए निकासी की व्यवस्था रखें और कटी फसल को खुले में छोड़ने के बजाय ढककर किसी सुरक्षित स्थान पर रखें।
विशेषज्ञों के अनुसार, तेज हवाओं से धान की फसल गिर सकती है, जबकि जलभराव से सब्जियों और बागवानी की फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। केले और पपीते के पेड़ों के टूटने का भी खतरा है। किसानों को अगले तीन से चार दिनों तक खेतों में सिंचाई और खाद या कीटनाशक के छिड़काव से बचने की सलाह दी गई है। यदि प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होती है और किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पंजीकृत हैं, तो उन्हें नुकसान की जानकारी 72 घंटे के भीतर टोल-फ्री नंबर 14447 पर देनी चाहिए, ताकि सही समय पर मुआवज़ा मिल सके।


