दिल्ली में प्रदर्शन के लिए अब जंतर-मंतर की जगह दूसरे स्थानों पर जाना होगा। केंद्र सरकार ने इस स्थल को विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगहों की सूची से बाहर कर दिया है। गृह मंत्रालय की समिति की सिफारिश के बाद अब दिल्ली के रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड में प्रदर्शन आयोजित किए जा सकेंगे। इन जगहों पर प्रदर्शन की अनुमति और व्यवस्था को लेकर अलग दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने का मामला कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की मांग के बाद सामने आया। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग को लेकर सोमवार को यहां प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी थी, लेकिन पुलिस ने मंजूरी नहीं दी। इससे पहले पार्टी ने NEET पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 20 जून से 25 जुलाई तक धरना दिया था। यह प्रदर्शन 36 दिनों तक चला था और 25 जुलाई को समाप्त हुआ था।
जंतर-मंतर लंबे समय से राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के विरोध का प्रमुख केंद्र रहा है। वर्ष 1993 से यहां प्रदर्शन होने लगे थे। इससे पहले संसद के पास बोट क्लब में आंदोलन होते थे, लेकिन वहां भीड़ जुटाने पर पाबंदियां बढ़ने के बाद जंतर-मंतर प्रमुख स्थल बन गया। वर्ष 2017 में शोर और गंदगी की शिकायतों के बाद यहां प्रदर्शन पर रोक लगाने का मामला उठा था। 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्ण प्रतिबंध के बजाय प्रदर्शन के लिए नियम तय करने पर जोर दिया था। अब केंद्र के नए फैसले के बाद आंदोलन करने वाले संगठनों को वैकल्पिक स्थलों पर प्रदर्शन की योजना बनानी होगी।


