फेस्टिव सीजन में सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए राहत की खबर है। लगातार चौथे दिन दोनों कीमती धातुओं के दाम में गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी की कीमत 4,750 रुपये घटकर 1.95 लाख रुपये पर आ गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 1,246 रुपये गिरकर 1.41 लाख रुपये रह गया है।
चांदी करीब 10 महीने बाद फिर से दो लाख रुपये प्रति किलो के नीचे आ गई है। इससे पहले 17 दिसंबर 2025 को चांदी की कीमत पहली बार दो लाख रुपये के पार पहुंची थी। बीते चार दिनों में सोने के भाव में कुल 4,978 रुपये और चांदी की कीमत में 15,891 रुपये की गिरावट आई है। 16 अक्टूबर को सोना 1.46 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2.10 लाख रुपये प्रति किलो पर थी।
ऑल टाइम हाई से चांदी 1.85 लाख रुपये सस्ती
इस साल सोने-चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 31 दिसंबर 2025 को चांदी की कीमत 2.30 लाख रुपये प्रति किलो थी, जो 29 जनवरी 2026 को बढ़कर 3.86 लाख रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। अब अपने उच्चतम स्तर से चांदी करीब 1.85 लाख रुपये सस्ती हो चुकी है। इसी तरह, 31 दिसंबर 2025 को सोने का भाव 1.33 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इसके बाद से सोने की कीमत में करीब 35 हजार रुपये की गिरावट आ चुकी है।
अलग-अलग शहरों में क्यों बदलते हैं सोने-चांदी के भाव?
सोने की कीमतों में अंतर के पीछे परिवहन, सुरक्षा और स्थानीय मांग-सप्लाई जैसे कई कारण होते हैं। एक शहर से दूसरे शहर तक सोना पहुंचाने में ईंधन और सुरक्षा का खर्च जुड़ता है। इसके अलावा, अलग-अलग राज्यों और शहरों में स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन मांग और आपूर्ति के आधार पर कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। ज्वेलर्स के पुराने स्टॉक और खरीद मूल्य का भी ग्राहकों को मिलने वाले भाव पर असर पड़ता है।
फिलहाल, कीमतों में आई इस गिरावट से त्योहारों के दौरान सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों को राहत मिल सकती है। हालांकि, आभूषण खरीदते समय स्थानीय बाजार के भाव, मेकिंग चार्ज और लागू करों को ध्यान में रखना जरूरी है।


