भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर बुधवार को काशी में एयर शो का भव्य ग्रैंड रिहर्सल हुआ। नमो घाट से लेकर गंगा के विभिन्न घाटों तक आसमान में लड़ाकू विमानों की गर्जना और हैरतअंगेज करतबों ने लोगों को रोमांचित कर दिया। राफेल की गर्जना, तेजस की रफ्तार और सुखोई सहित अन्य लड़ाकू विमानों के प्रदर्शन से काशी का आसमान गूंज उठा। विमानों ने गंगा के ऊपर बेहद कम ऊंचाई पर उड़ान भरकर अपनी क्षमता और कौशल का प्रदर्शन किया। इस ऐतिहासिक नजारे को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग घाटों पर पहुंचे।
एयर शो की शुरुआत सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम के प्रदर्शन से हुई। इसके बाद राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, मिग-29, जगुआर और स्वदेशी लड़ाकू विमान एलसीए तेजस सहित कई विमानों ने आसमान में अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। परिवहन विमानों में सी-17 ग्लोबमास्टर, सी-130 और सी-295 ने हिस्सा लिया, जबकि अपाचे, चिनूक, एलसीएच, एएलएच और एमआई-17 वी5 जैसे हेलीकॉप्टरों ने भी अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। सारंग हेलीकॉप्टर प्रदर्शन टीम के करतब और बीएई हॉक एमके-132 की उड़ान ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। गंगा और नमो घाट के ऊपर से विमानों की उड़ान के दौरान लोगों ने तालियां बजाकर उत्साह व्यक्त किया।
रिहर्सल के दौरान नमो घाट पर एक विशेष प्रदर्शन में हेलीकॉप्टर से कमांडो क्रूज पर उतरे। देखते ही देखते कमांडो कार्रवाई की मुद्रा में आ गए और फिर रस्सी के सहारे हेलीकॉप्टर में वापस चढ़ गए। इस प्रदर्शन ने सैन्य बलों की तत्परता और समन्वय का परिचय दिया। रिहर्सल में कुल 100 विमानों ने हिस्सा लिया, जिनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलीकॉप्टर और विंटेज विमान सारनाथ शामिल रहे। ये विमान देश के 12 एयरपोर्ट से उड़ान भरकर पहुंचे थे।
आयोजन को देखते हुए नमो घाट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। पूरे परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की गई और दर्शकों को तीन स्तर की जांच के बाद प्रवेश दिया गया। भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित यह एयर शो 22, 23 और 25 अक्टूबर को निर्धारित है। 25 अक्टूबर को होने वाले एयर शो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहुंचेंगे।
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने एयर शो के ग्रैंड रिहर्सल को काशी के लिए गौरवपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना के जवानों का अदम्य साहस और लड़ाकू विमानों का अद्भुत प्रदर्शन काशी की धारा पर देखने को मिला। राफेल की गर्जना और तेजस की रफ्तार ने लोगों को रोमांचित किया। ग्रैंड रिहर्सल के मनमोहक दृश्य देखने के लिए काशी के विभिन्न घाटों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।


