मिर्जापुर के विंध्याचल मंदिर में 11 अक्तूबर से शुरू होने वाले शारदीय नवरात्र मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं।नवरात्र के दौरान मां विंध्यवासिनी के दर्शन के नियमों में भी बदलाव किया गया है। श्री विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी के अनुसार, मेले के दौरान गर्भगृह में श्रद्धालुओं का प्रवेश और मां के चरण स्पर्श पर रोक रहेगी। श्रद्धालुओं को 24 में से करीब 20 घंटे दर्शन मिलेंगे, जबकि शृंगार के लिए एक-एक घंटे पट बंद रहेंगे। प्रशासन ने संबंधित विभागों को 8 अक्तूबर तक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
मेले को देखते हुए मंदिर में रंगाई-पुताई, सफाई और बिजली व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है। गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण इस बार घाटों पर फ्लोटिंग बैरिकेडिंग की तैयारी है। नौका संचालन के नियम भी सख्त किए गए हैं और नाव में सवार सभी श्रद्धालुओं के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य होगी। हालांकि, घाट और मंदिर तक पहुंचने वाले मार्गों की स्थिति अभी चिंता बढ़ा रही है। अखाड़ा घाट जाने वाली सड़क पर गिट्टियां उखड़ी हैं, नालियां क्षतिग्रस्त हैं और जगह-जगह कीचड़ है। गुलाबी पत्थरों से बने घाट पर भी गंगा का पानी उतरने के बाद मोटी सिल्ट जमा है।
रेलवे स्टेशन रोड के चौड़ीकरण का काम करीब तीन साल से चल रहा है और सड़क पर अभी भी गिट्टियां पड़ी हैं। अमृत योजना के तहत डाली गई सीवर लाइन की मरम्मत भी जारी है। ऐसे में मेले के दौरान बढ़ने वाली भीड़ के बीच जाम और दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। प्रशासनिक बैठक में संबंधित विभाग के एक्सईएन ने 4 अक्तूबर तक काम पूरा कराने का भरोसा दिया है। जिलाधिकारी ने कहा कि श्रद्धालुओं को मां विंध्यवासिनी के सुगम दर्शन कराने के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है और उनकी जरूरत के अनुसार आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।


