राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर ग्लोबल कायस्थ कमेटी वाराणसी की ओर से शास्त्री उद्यान, सिगरा में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्लोबल कायस्थ कमेटी के संस्थापक शशिकांत श्रीवास्तव ने की, जबकि संचालन अधिवक्ता शिव कुमार सिन्हा ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत शास्त्री विद्यालय परिसर स्थित पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई। इस दौरान उनके जीवन, सादगी, ईमानदारी और देश के प्रति समर्पण को याद किया गया। साथ ही उपस्थित अधिवक्ता समाज के प्रबुद्धजनों का स्वागत किया गया।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए शशिकांत श्रीवास्तव ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री का जीवन सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। उनका ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा आज भी देशसेवा की प्रेरणा देता है। अधिवक्ता शिवजी सिन्हा ने कहा कि 1965 के युद्ध के दौरान शास्त्री जी ने देश को एकजुट कर सैन्य और किसानों का मनोबल बढ़ाया। अधिवक्ता कृपा शंकर श्रीवास्तव ने कहा कि रेल दुर्घटना के बाद इस्तीफा देकर शास्त्री जी ने नैतिकता की मिसाल पेश की।
इस अवसर पर अरविंद श्रीवास्तव, शैलेंद्र श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव, विंध्याचल श्रीवास्तव, ज्योति कुमार श्रीवास्तव, शशिकांत श्रीवास्तव, राजेश कुमार दुबे, प्रमोद श्रीवास्तव, शुभम निर्मल, शिव कुमार सिन्हा और आशीष श्रीवास्तव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


