काशी के रेल इतिहास में शनिवार को एक नया अध्याय जुड़ गया। उत्तर प्रदेश की पहली और देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेन का शुभारंभ 31 अक्टूबर को बनारस रेलवे स्टेशन से किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हरी झंडी दिखाकर उद्घाटन विशेष ट्रेन को रवाना किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए इसे आधुनिक रेल कनेक्टिविटी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
वाराणसी और नई दिल्ली के बीच चलने वाली यह ट्रेन प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद में रुकेगी। नियमित समय-सारणी के अनुसार वाराणसी से यह ट्रेन रात 8:50 बजे रवाना होकर अगली सुबह 6:10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। वहीं, नई दिल्ली से रात 9:40 बजे चलकर सुबह 7:10 बजे वाराणसी पहुंचेगी। ट्रेन सप्ताह में छह दिन संचालित होगी।
16 वातानुकूलित कोच वाली इस ट्रेन में एक फर्स्ट एसी, चार सेकेंड एसी और 11 थर्ड एसी कोच होंगे। इसमें करीब 823 यात्री सफर कर सकेंगे। ट्रेन में स्वचालित दरवाजे, बायो-वैक्यूम शौचालय, सीसीटीवी कैमरे और कवच सुरक्षा प्रणाली जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
बुलेट ट्रेन कॉरिडोर से साढ़े तीन घंटे में दिल्ली से काशी का सफर
काशी पहुंचे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक और बड़ी रेल परियोजना की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-वाराणसी-गुवाहाटी बुलेट ट्रेन के नॉर्दर्न कॉरिडोर को मंजूरी दी है। प्रस्तावित कॉरिडोर दिल्ली से शुरू होकर आगरा, कानपुर, लखनऊ और अयोध्या होते हुए वाराणसी पहुंचेगा। इसके बाद यह पटना और सिलीगुड़ी के रास्ते गुवाहाटी तक जाएगा।
रेल मंत्री के अनुसार, इस कॉरिडोर के निर्माण से प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। प्रस्तावित योजना के मुताबिक दिल्ली से आगरा का सफर 59 मिनट, दिल्ली से कानपुर 1 घंटे 45 मिनट और दिल्ली से वाराणसी की दूरी करीब साढ़े तीन घंटे में तय की जा सकेगी। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत और प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की घोषणा से पूर्वांचल की रेल कनेक्टिविटी को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। आधुनिक रेल सुविधाओं के विस्तार से काशी का देश के प्रमुख शहरों से संपर्क और बेहतर होगा।



