संचारी रोगों की रोकथाम और लोगों को बीमारियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.पी. सिंह के आदेश पर रमना स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में राजकीय चिकित्सा अधिकारी एवं सीपीआर विशेषज्ञ डॉ. शिवशक्ति प्रसाद द्विवेदी ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श और उपचार प्रदान किया।
शिविर के दौरान ग्रामीणों के ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और बुखार की जांच की गई। साथ ही डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, फाइलेरिया, जापानी इंसेफेलाइटिस, टीबी, कुष्ठ रोग, टाइफाइड, हैजा, डायरिया, खसरा और चिकनपॉक्स सहित विभिन्न संक्रामक बीमारियों के लक्षण, बचाव और उपचार की जानकारी दी गई।
डॉ. शिवशक्ति प्रसाद द्विवेदी ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए कहा कि डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से बचाव के लिए घरों के आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर और पानी की टंकियों की नियमित सफाई करें तथा मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं। उन्होंने कहा कि बुखार, लगातार खांसी, वजन कम होना, लंबे समय तक दस्त या त्वचा पर संदिग्ध दाग दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर जांच और उपचार कराएं।
उन्होंने बताया कि संचारी रोगों की रोकथाम के लिए समय पर पहचान, उचित उपचार, स्वच्छता और जनजागरूकता बेहद जरूरी है। दस्तक अभियान के माध्यम से घर-घर तक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुंचाने और संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से अभियान में सक्रिय भागीदारी करने और अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी साफ-सफाई तथा संक्रामक बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक करने की अपील की।


