काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थित पत्रकारिता एवं संप्रेषण विभाग के छात्र सड़क मार्ग को जाम करके धरना प्रदर्शन करने लगे। छात्रों ने अपने ही एचओडी के खिलाफ गाली गलौज का आरोप लगाया है। दर्जनों की संख्या में धरना प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि शोभना नार्लीकर द्वारा आए दिन गाली हम छात्र छात्राओं को दिया जाता है। जब छात्र-छात्राओं द्वारा महिला प्रोफेसर का विरोध किया जाता है तो छात्रों पर sc/st एक्ट लगाने की धमकी दिया जाता है। छात्रों ने कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब हम लोग हेड के चेंबर में जाते हैं तो उनके द्वारा अभद्रता पूर्वक व्यवहार किया जाता है तथा कपड़े फाड़ने का आरोप लगा दिया जाता है।
बार-बार छात्रों का कैरियर तथा जीवन बर्बाद करने की धमकी दिया जाता है। इतना ही नहीं छात्रों ने आगे कहा कि परीक्षा में छात्रों के नंबर के साथ छेड़छाड़ करना सारे प्रैक्टिकल पेपर का नियंत्रण अपने हाथ में लेकर नंबर को कम किया जाता है। परीक्षा के पहले पेपर बदल देना तथा दूसरा पेपर लेने के लिए बाध्य करना। परीक्षा देने के बाद पेपर निरस्त कर दिया जाता है तथा सभी को अनुपस्थित दिखा दिया जाता है। लिखित परीक्षा में 70 में सिर्फ सात नंबर दिया जाता है जो कहीं से भी संभव नहीं होता है। विभाग में संबंधित किसी भी पेपर पर साइन नहीं किया जाता है। धरना प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मांग किया है कि शोभना नार्लीकर को तत्काल बर्खास्त किया जाए जिससे छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके। छात्रों ने आगे मांग किया है कि उनकी मानसिक स्थिति की जांच कराई जाए कि 2013 में बीएचयू के एस के सिंह कमेटी की रिपोर्ट में रिकमेंडेशन है की शोभना नारलीकर की प्रॉपर काउंसलिंग की जाए। छात्रों ने आगे आशंका व्यक्त किया है कि इनके हेड रहते छात्रों का भविष्य खतरे में है। इनको तत्काल प्रभाव से हटाया जाए तभी डिपार्टमेंट सुचारू रूप से चल पाएगा। ऐसे डर पूर्वक माहौल में डिपार्टमेंट में शिक्षण कार्य करना संभव नहीं है।
