बीएचयू में पक्षियों पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रकृति हमेशा कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत रही है। कलाकार अनादि काल से प्रकृति के साथ अंतर संबंधों सम्बन्धों को निभाते रहे हैं, और इसने उन्हें अंतर्निहित विषय दिये हैं। जिसमें भावनाओं और मनोदशाओं को विभिन्न रूपों में चित्रित करने के लिए प्रकृति से प्रेरणा ली गयी है।
कलरव अर्थात पक्षियों के धुन के विषय पर आयोजित प्रदर्शनी में, पक्षियों के सुंदर और अप्रतिम दुनिया को मूर्तियों, धातु से निर्मित कलाकृतियाँ, वस्त्र, लघु-चित्र एवं कई अन्य रूपों जैसी कलाकृतियों के माध्यम से विविध रूपांकनों और अन्य स्वरूपों में व्यक्त किया गया है, जो पक्षियों की जीवंत दुनिया को प्रस्तुत करने के लिए एक सशक्त आधार है। यह प्रदर्शनी मानव को पक्षियों के संरक्षण और संवेदनशीलता के महत्व के बारे में संदेश देती है।इस प्रदर्शनी में भारत कला भवन के आरक्षित संग्रह से ली गई, प्रथम शताब्दी ईसा पूर्व से लेकर 20 वीं शताब्दी के मध्य तक के कलाकृतियाँ शामिल हैं। प्रदर्शनी की संकल्पना डॉ. जसमिंदर कौर, उप निदेशक भारत कला भवन, बीएचयू द्वारा किया गया और भारत कला भवन के सहायक संग्रहाध्यक्ष विनोद कुमार द्वारा आयोजित किया गया है प्रदर्शनी 23 मई तक दर्शको के अवलोकन के लिये खुली रहेगी।
