काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में कुलपति आवास के सामने LLB के छात्र अवधेश कुमार पाण्डेय अपने साथियों के साथ न्याय के लिए धरने पर बैठ गये। छात्रों का आरोप है कि भगवान दास छात्रावास के वार्डन ने महज छात्रावास का शीशा टूटने पर उन्हे छात्रावास से बेदखल कर दिया। अब न्याय की गुहार लेकर दर्जनों की संख्या में छात्र विरोध कर रहे हैं।धरने पर बैठे छात्र अवधेश ने कहा कि उन्हें भगवान दास छात्रावास में कक्ष क्रमांक 75 आवंटित था। छात्र ने बताया कि छात्रावास में प्रशासनिक संरक्षक द्वारा सुबह अपने कार्यालय में बुलाकर छात्रावास से निष्कासित किए जाने का आदेश दे दिया गया, कारण पूछने पर बताया गया कि प्रार्थी द्वारा मध्यरात्रि को अपना जन्मदिन मनाया गया और इस दौरान एक अन्य छात्र द्वारा शराब पीकर छात्रावास में हंगामा और शोर-शराबा किया गया और इस दौरान बाथरूम का शीशा टूट गया।
छात्र अवधेश पाण्डेय का कहना है कि वार्डन द्वारा उनकी बात नहीं सुनी गई और एक पक्षीय कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से छात्रावास से बाहर कर दिया गया। छात्र का कहना है कि पिछले 7 महीने से कुलपति सहित विभिन्न अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी जिसके बाद मजबूरी में उन्हें अपने साथियों के साथ कुलपति आवास के बाहर न्याय की मांग करते हुए धरने पर बैठना पड़ा।छात्रों द्वारा कुलपति आवास के बाहर धरने पर बैठने की सूचना मिलते ही मौके पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम पहुंची। प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम के सदस्य ने छात्र से 6 दिन का समय मांगा लेकिन छात्र ने कहा कि जब तक हमें हमारा छात्रावास नहीं मिल जाता हम धरने पर बैठे रहेंगे।
