अस्सी घाट पर रविवार की रात शुरू हुए दो दिवसीय काशी रस कार्यक्रम में गायकों ने बिरहा की तान छेड़ी। इसका शुभारम्भ पद्मश्री डॉ. राजेश्वर आचार्य व पुलिस आयुक्त अशोक मुथा जैन ने किया। लोक एवं जनजाति कला एवं संस्कृति संस्थान, जिला प्रशासन सुबह-ए-बनारस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में राजेश्वर आचार्य ने कहा कि लोक के आलोक से भारतीय संस्कृति की जीवंतता प्रकाशित होती आई है। उत्तर भारत में खासकर इस पूर्वांचल क्षेत्र में बिरहा उसी लोक संस्कृति की संवेदनाओं की वास्तविक अभिव्यक्ति है।
सीपी मुथा अशोक जैन ने बिरहा शैली के संरक्षण के लिए कलाकारों व आयोजकों को शुभकामनाएं दीं। वाराणसी के बिरहा गायक डॉ. मन्नू यादव व उनके साथी कलाकारों ने गीत सुनाकर श्रोताओं को जोश से भर दिया। प्रयागराज के बिरहा गायक दिनेश यादव ने शिव महिमा पर बिरहा सुनाया। आजमगढ़ के लालता यादव चंदौली के बिरहा गायक मंगल यादव 'कवि ने भी प्रस्तुति दी। परिकल्पनाकार संस्थान के निदेशक अतुल द्विवेदी व संयोजन राजेश शर्मा ने किया। इस मौके पर अपर पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) एस. चिनप्पा, डीसीपी सूर्यकांत त्रिपाठी, एसीपी प्रवीण सिंह, सरोद वादक पं. अंशुमान महाराज, यश भारती विष्णु यादव, श्याम केसरी, सुनील शुक्ला, योगगुरु पं. विजय प्रकाश मिश्र आदि मौजूद थे।
