वाराणसी नगर निगम की साधारण अधिवेशन बैठक सोमवार को मैदागिन टाउनहाल में महापौर अशोक तिवारी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की जांच, खराब स्ट्रीट लाइट, अतिक्रमण, गंदगी और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों में हो रही देरी जैसे मुद्दों पर जोरदार बहस हुई।
वक्फ बोर्ड संपत्तियों की जांच
पार्षद बृजेश चंद्र श्रीवास्तव ने शहर की वक्फ संपत्तियों का ब्यौरा सदन में रखने की मांग की। इस पर महापौर ने एक सप्ताह में जांच पूरी कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।पार्षदों ने कहा कि शहर में 8 से 10 हजार स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। मरम्मत के बाद भी वे जल्दी बंद हो जाती हैं। महापौर ने इस पर नाराजगी जताते हुए तत्काल मरम्मत का आदेश दिया।कई पार्षदों ने कैंट, बनारस सिटी और काशी स्टेशन मार्ग पर फैली गंदगी और अतिक्रमण की समस्या उठाई। वहीं, सड़कों को खोदकर मरम्मत न करने वाली कार्यदायी संस्थाओं पर भी सवाल खड़े किए गए।
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों में देरी
पार्षदों ने शिकायत की कि कई फाइलें छह महीने से ज्यादा समय तक लंबित रहती हैं। महापौर ने आश्वासन दिया कि अभियान चलाकर लंबित प्रमाण पत्र जल्द जारी कराए जाएंगे।
कार्यकारिणी समिति के प्रस्ताव
बैठक में छह प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें एबीसी-डॉग केयर सेंटर संचालन, सारंग तालाब पर मियावाकी फॉरेस्ट पार्क, एफएसएसएम उपविधि 2025, तंबाकू उत्पादों पर शुल्क निर्धारण, विज्ञापन अनुज्ञा शुल्क और यूनिटी मॉल निर्माण में बाधक वृक्षों की कटाई शामिल हैं।
महापौर की सख्त चेतावनी
अंत में महापौर अशोक तिवारी ने अधिकारियों को चेताया कि सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट और प्रमाण पत्रों से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
