करोड़ों रुपये के साइबर फ्रॉड मामले में वाराणसी जिला कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय प्रियल शर्मा की अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए यस बैंक के कर्मचारियों और स्वामी नारायणनन्द तीर्थ विद्यालय के शिक्षक पुनीत दीक्षित के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। यह मामला स्वामी नारायणनन्द तीर्थ विद्यालय, अस्सी भेलूपुर के शिक्षक पंकज दुबे की अपील पर सामने आया।
उन्होंने अपने वकीलों मदन मोहन पांडेय और अंशुमान त्रिपाठी के माध्यम से धारा 173(4) के तहत न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। पीड़ित पंकज दुबे ने बताया कि उन्होंने "वनशक्ति फाउंडेशन" नाम से एक एनजीओ बनाया था और यस बैंक में चालू खाता खुलवाया था। आरोप है कि सहकर्मी शिक्षक पुनीत दीक्षित ने उनकी जानकारी के बिना इंटरनेट बैंकिंग किट और छोटा की-पैड मोबाइल फोन चोरी कर लिया। इसी दौरान 3 से 4 अगस्त 2024 के बीच पीड़ित के खाते में लगभग 3.20 करोड़ रुपये विभिन्न माध्यम से भेजे गए और ढाई करोड़ रुपये सिर्फ 15 दिनों में निकाल लिए गए। इस पूरे घटनाक्रम के बाद पीड़ित को पता चला कि उसके खिलाफ झारखंड और लखनऊ में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जब पीड़ित ने बैंक कर्मचारियों से जानकारी मांगी तो उन्होंने सहयोग करने के बजाय यह कहकर टाल दिया कि "आपके ही खाते से आपके ही पैसे निकाले गए होंगे", जबकि पीड़ित का दावा है कि न तो वह कभी बैंक गया और न ही उसने किसी चेक पर हस्ताक्षर किए।कोर्ट ने पुलिस को मामले में गंभीरता से जांच करने और एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। यह मामला वाराणसी में साइबर सुरक्षा और बैंकिंग सिस्टम पर कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
