विजयादशमी के अवसर पर बरेका के केंद्रीय खेल मैदान में रावण दहन कार्यक्रम का भव्य आयोजन हुआ। कार्यक्रम शुरू होते ही चारों तरफ “जय श्रीराम” के जयकारे गूंज उठे। रामलीला के प्रमुख नाटकों का मंचन किया गया और इसके बाद रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों का दहन कर आतिशबाजी की गई।
ढाई घंटे चले इस विशेष रूपक में मंच से गायक विजय शंकर पाठक और सानिया तृप्ति मिश्रा ने कजरी, चैता, छप्पय और कहरवा जैसे गीत प्रस्तुत किए। वहीं, पात्र संवादों के बजाय मूक अभिनय के माध्यम से रामायण की कथा को जीवंत करते नजर आए। इस अनूठी शैली का निर्देशन एस.डी. सिंह ने किया।
जिला प्रशासन और बरेका प्रबंधन ने मिलकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। पहले बरेका द्वारा विजयादशमी पर सुबह 10 बजे से प्रवेश द्वार बंद करने का आदेश दिया गया था, लेकिन विरोध के बाद इसे वापस ले लिया गया। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने आश्वासन दिया कि पर्व के दौरान सभी प्रवेश द्वार खुले रहेंगे और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की गई है।
इस अवसर पर अमेरिका से आए प्रतिनिधिमंडल ने भी आयोजन का आनंद लिया। रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले देखकर वे काफी उत्साहित और प्रसन्न दिखे।
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