वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी माता के प्रति कथित अपमानजनक टिप्पणियों के मामले में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे तथा कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ परिवाद दर्ज करने के आदेश दिए हैं। यह परिवाद भाजपा विधि प्रकोष्ठ के काशी क्षेत्र के संयोजक एडवोकेट शशांक शेखर त्रिपाठी द्वारा दाखिल किया गया था। कोर्ट ने वीडियो, स्क्रीनशॉट्स और समाचार रिपोर्ट जैसे डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर परिवाद को सुनवाई योग्य माना है। इस मामले में अगली सुनवाई 24 अक्टूबर को होगी, जिसमें शशांक शेखर त्रिपाठी का बयान दर्ज किया जाएगा। त्रिपाठी ने अपने परिवाद में आरोप लगाया है कि कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री और उनकी माता के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया, "वोट चोर, गद्दी छोड़" जैसे नारे और अभियान चलाए, तथा संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर प्रश्न उठाते हुए एआई जनित वीडियो, फर्जी पोस्ट और भ्रामक सामग्री का प्रसार किया।
उन्होंने कहा कि यह कृत्य भारतीय संस्कृति और लोकतंत्र दोनों के लिए कलंक है। कोर्ट द्वारा परिवाद को स्वीकार किया जाना लोकतांत्रिक संस्थाओं की मर्यादा की रक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है

