नए साल के स्वागत को लेकर काशी पूरी तरह से आध्यात्मिक रंग में रंगी नजर आ रही है। स्पिरिचुअल टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरी काशी में इस वर्ष के आखिरी दिन करीब 8 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। पुराने और नए साल के संधिकाल में देश–विदेश से आए श्रद्धालु काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन और बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक की कामना के साथ पहुंच रहे हैं।
आंकड़ों के मुताबिक बीते एक सप्ताह में ही 20 लाख से अधिक श्रद्धालु काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक कर चुके हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है।क्राउड मैनेजमेंट को सुचारू बनाए रखने के लिए शहर में पैरामिलिट्री फोर्सेस के साथ-साथ पीएसी और स्थानीय पुलिस की व्यापक तैनाती की गई है।
काशी के प्रमुख घाटों, गलियों और मंदिर क्षेत्र में ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अप्रिय घटना से बचा जा सके।काशी विश्वनाथ धाम के सीईओ विश्व भूषण मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए आगामी 3 जनवरी तक काशी विश्वनाथ धाम में केवल झांकी दर्शन की ही व्यवस्था की गई है। यह निर्णय श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारू दर्शन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

.jpeg)
