सहारनपुर जिले के देवबंद कोतवाली क्षेत्र में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां 14 साल के दलित छात्र मयंक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि हत्यारों ने वारदात को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को बोरे में भरकर रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। लोको पायलट की सतर्कता से मामला सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।घटना रात की बताई जा रही है। देवबंद कोतवाली क्षेत्र के गांव अलीपुर निवासी रूपचंद किसान हैं।
उन्होंने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि उनके बेटे मयंक का अपनी ही जाति की एक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था।करीब 12:45 बजे मयंक को फोन आया, जिसमें उसे तुरंत मिलने के लिए बुलाया गया। परिजनों को लगा कि किसी परिचित का फोन है, इसलिए ज्यादा पूछताछ नहीं की गई। फोन के बाद मयंक घर से निकल गया, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा।परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और पुलिस को सूचना दी। कुछ देर बाद पुलिस ने जानकारी दी कि रेलवे ट्रैक के पास एक बच्चे का शव मिला है। मौके पर पहुंचने पर परिजनों ने बोरे के अंदर रखे शव की पहचान मयंक के रूप में की। शव पर चोटों के निशान थे और शरीर से खून बह रहा था। परिजनों का आरोप है कि पहले मयंक के साथ मारपीट की गई, फिर चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी गई।
पुलिस के अनुसार, रात में ट्रैक से गुजर रही ट्रेन के लोको पायलट ने रेलवे लाइन के पास एक संदिग्ध बोरा पड़ा देखा। शक होने पर उसने तुरंत रेलवे अधिकारियों और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बोरा खुलवाया, जिसमें खून से सनी डेडबॉडी मिली। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।मृतक के पिता ने चार लोगों के खिलाफ हत्या की तहरीर दी है। पुलिस ने मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। देवबंद कोतवाली पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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