केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में प्रसाद निर्माण में उपयोग होने वाले घी को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है। मंदिर प्रशासन की प्रारंभिक जांच में करीब 13 हजार पैकेट घी का हिसाब न मिलने का मामला उजागर हुआ है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 35 लाख रुपये बताई जा रही है। इस खुलासे के बाद मंदिर प्रशासन से लेकर सरकार तक में हड़कंप मच गया है।मामला सामने आने के बाद केरल हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर घी वितरण काउंटर के इंचार्ज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद तैयार करने हेतु बड़ी मात्रा में घी की आपूर्ति की जाती है। ऑडिट के दौरान स्टॉक और वितरण के आंकड़ों में भारी गड़बड़ी पाई गई, जिसमें हजारों पैकेट घी का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं मिला। इसी आधार पर घोटाले की आशंका जताई जा रही है।हाई कोर्ट ने देवस्वोम बोर्ड और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान की जाए और समयबद्ध रिपोर्ट पेश की जाए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आस्था से जुड़े संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोपरि है।
मंदिर प्रशासन का कहना है कि जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा और यदि किसी स्तर पर अनियमितता या भ्रष्टाचार पाया जाता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस मामले के सामने आने के बाद श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों ने भी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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