विकास के नाम पर धार्मिक धरोहरों को नुकसान का आरोप, कांग्रेस ने विरोध जताते हुए दिया ज्ञापन

वाराणसी में विकास कार्यों के नाम पर देवी-देवताओं की मूर्तियों और धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुँचाए जाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस पार्टी ने गहरी नाराजगी जताई है। इस बाबत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच कर ज्ञापन सौंपा । कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस तरह की तोड़-फोड़ से काशी की जनता की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँच रही है।

कांग्रेस का कहना है कि पहले काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के नाम पर सैकड़ों मंदिरों को तोड़ा गया, इसके बाद सर्व सेवा संघ आश्रम, जो स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत से जुड़ा था, उसे उजाड़ा गया। अब दालमंडी क्षेत्र, जो पूर्वांचल की सबसे पुरानी थोक-फुटकर मंडी है और जिससे हजारों लोगों की आजीविका जुड़ी है, वहाँ भी ध्वस्तीकरण किया जा रहा है।कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अब माँ अहिल्याबाई होल्कर द्वारा निर्मित धार्मिक स्थलों, मंदिरों और मूर्तियों को संरक्षित करने के बजाय उन्हें हटाया और क्षतिग्रस्त किया जा रहा है। इस दौरान माँ अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा और प्राचीन तारकेश्वर महादेव मंदिर को भी नुकसान पहुँचने का आरोप लगाया गया।

कांग्रेस ने मांग की कि पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने लाने के लिए जिला प्रशासन, स्थानीय नागरिकों और कांग्रेस प्रतिनिधियों का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल स्थल का निरीक्षण करे। पार्टी ने जिला प्रशासन को एक सप्ताह का समय देते हुए चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर क्रमिक अनशन और उसके बाद आमरण अनशन किया जाएगा।



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