जनपद आजमगढ़ की साइबर थाना पुलिस को अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी के विरुद्ध बड़ी सफलता हाथ लगी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में साइबर क्राइम टीम ने टेलीग्राम के माध्यम से चीनी साइबर अपराधियों के लिए काम कर रहे एक संगठित अंतर्राष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए 02 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इससे पूर्व इस गिरोह के 04 अभियुक्तों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है।
अपर पुलिस अधीक्षक यातायात विवेक त्रिपाठी एवं अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल के कुशल मार्गदर्शन में पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से ₹6.32 लाख नकद, 11 मोबाइल फोन, 12 एटीएम कार्ड, 9 चेकबुक, पासबुक, विदेशी सिम कार्ड, कैश काउंटिंग मशीन, स्कॉर्पियो वाहन सहित भारी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं।पुलिस के अनुसार थाना साइबर क्राइम पर दर्ज एक शिकायत में बताया गया था कि टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से “WOOCOMMERCE” नामक कंपनी में काम दिलाने का झांसा देकर पीड़ित से ₹12.64 लाख की ठगी की गई। मामले की विवेचना के दौरान यह सामने आया कि अभियुक्त भारतीय बैंक खातों में ठगी की रकम मंगवाकर एटीएम व चेक के माध्यम से नकद निकालते थे और उसे USDT (क्रिप्टो करेंसी) में बदलकर चीनी हैंडलरों को भेजते थे।
गिरफ्तार अभियुक्तों में अभिषेक गुप्ता, जो गिरोह का मुख्य संचालक बताया जा रहा है, अब तक 10–15 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि क्रिप्टो करेंसी में परिवर्तित कर विदेश भेज चुका है। अभियुक्तों द्वारा फर्जी सिम, वर्चुअल नंबर और टेलीग्राम आईडी का उपयोग कर अपनी पहचान छिपाई जाती थी।पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, IP एड्रेस ट्रैकिंग और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर लखनऊ के गोडम्बा क्षेत्र से अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। बरामद सामग्री को विधिक प्रक्रिया के तहत सील कर वाहन को सीज कर दिया गया है।आजमगढ़ पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार के लालचपूर्ण ऑनलाइन प्रस्ताव, अज्ञात लिंक, APK फाइल अथवा टेलीग्राम/व्हाट्सएप संदेशों से सतर्क रहें और साइबर अपराध की सूचना तत्काल 1930 या नजदीकी साइबर थाना को दें।

.jpeg)
