संभल पुलिस ने एक संगठित ‘लुटेरी दुल्हन’ गिरोह का खुलासा किया है। आरोप है कि गिरोह की महिलाएँ फर्जी पहचान और आधार कार्ड का इस्तेमाल करके शादी कराती थीं और शादी के कुछ दिन बाद ससुराल से नकदी और जेवरात लेकर फरार हो जाती थीं।पुलिस ने इस मामले में नूरजहाँ खातून, आयशा खातून और बदायूँ निवासी राजीव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
जांच में सामने आया कि पिछले डेढ़ महीने में चार शादीशुदा महिलाएँ ससुराल से भाग गई थीं। गिरोह की मुख्य आरोपी काजल उर्फ नूरजहाँ खातून थी, जो खुद मैरिज ब्रोकर बनकर अन्य महिलाओं को हिंदू रीति-रिवाज की ट्रेनिंग देती और ₹50-75 हजार में अविवाहित युवकों से शादी कराती थी।
पुलिस के अनुसार, मामला तब उजागर हुआ जब पूजा नाम की दुल्हन (आयशा खातून) फरार होने की कोशिश में पकड़ी गई। पूछताछ में पूरे नेटवर्क का पता चला।पुलिस अब फर्जी दस्तावेज बनाने वाले और अन्य फरार आरोपितों की तलाश में जुटी है।

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