भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने काशी विद्यापीठ चौकी प्रभारी (थाना सिगरा) शिवाकर मिश्रा और सिपाही गौरव द्विवेदी को 20 हजार रुपये की घूस लेते हुए गिरफ्तार किया। आरोप है कि चौकी प्रभारी ने महिला उत्पीड़न के एक मामले को दबाने के लिए पीड़ित पक्ष से 50 हजार रुपये की मांग की थी, जिसमें 20 हजार रुपये देने पर सहमति बनी।मामला इस प्रकार है कि छित्तूपुर अंतर्गत हरिनगर निवासी ममता गुप्ता ने 6 अगस्त को चंदौली जिले में अपने पति प्रह्लाद समेत छह ससुरालियों के खिलाफ मारपीट और प्रताड़ना का केस दर्ज कराया था। काशी विद्यापीठ के चौकी प्रभारी शिवाकर मिश्रा इस मामले की जांच कर रहे थे।
आरोप है कि शिवाकर मिश्रा ने प्रह्लाद गुप्ता से कहा कि रुपये नहीं देने पर धाराएं बढ़ा दी जाएंगी और सभी आरोपितों को जेल भेज दिया जाएगा। नाराज प्रह्लाद ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की और 20 हजार रुपये लेकर चौकी प्रभारी के खिलाफ जाल बिछाया गया। इसी दौरान चौकी प्रभारी और सिपाही को रंगे हाथ पकड़ लिया गया।पकड़े गए चौकी प्रभारी शिवाकर मिश्रा बस्ती जिले के निवासी और 2019 बैच के दारोगा हैं, जबकि सिपाही गौरव द्विवेदी गोरखपुर के मूल निवासी हैं और वर्ष 2020 में नियुक्त हुए थे।
इस मामले में शिवाकर मिश्रा की पत्नी का एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें उन्होंने साजिश और जबरन फंसाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि एंटी करप्शन के एक व्यक्ति ने उनके पति पर गलत काम करने का दबाव बनाया, मना करने पर जानबूझकर फंसाया गया।इस घटना ने पुलिस विभाग की छवि को धूमिल किया है और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में आने वाली चुनौतियों को उजागर किया है। आरोपियों को निलंबित कर दिया गया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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