शुक्रवार को कानपुर के पोस्टमॉर्टम हाउस में भारी अव्यवस्था देखने को मिली। डॉक्टरों की गैरहाजिरी के चलते शवों की लंबी कतार लग गई और मृतकों के परिजन घंटों तक ठंड में इंतजार करने को मजबूर रहे। सुबह 10 बजे से तीन डॉक्टरों की ड्यूटी तय थी, लेकिन समय पर सिर्फ एक डॉक्टर ही पहुंचीं। शेष दो डॉक्टर दोपहर 2 बजे तक पोस्टमॉर्टम हाउस नहीं पहुंचे, जबकि तब तक 16 शव लाए जा चुके थे।भीषण ठंड के बीच सड़क हादसों और अन्य कारणों से हुई मौतों के बाद पोस्टमॉर्टम हाउस में सुबह से ही भीड़ जुटने लगी। कोतवाली, साढ़, सजेती, छावनी, बाबूपुरवा, कर्नलगंज, चौबेपुर, महाराजपुर, स्वरूप नगर समेत विभिन्न थाना क्षेत्रों से शव पोस्टमॉर्टम के लिए लाए गए, लेकिन डॉक्टरों के न होने से प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी।
लंबे इंतजार और किसी तरह की जानकारी न मिलने से परिजन आक्रोशित हो गए और हंगामा करने लगे। चकेरी क्षेत्र के मृतक प्रशांत के ताऊ जयकरन ने बताया कि वे घंटों से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है। वहीं, बिठूर के मृतक रोहित त्रिपाठी के बहनोई अरुण ने कहा कि मजबूर होकर उन्हें CMO को फोन करना पड़ा, क्योंकि स्टाफ सवाल पूछने पर भी टालमटोल करता रहा।शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम हाउस में घाटमपुर CHC में तैनात डॉ. चित्रा, उर्सला में तैनात डॉ. आशीष और डॉ. मुन्नालाल की ड्यूटी लगाई गई थी। डॉ. चित्रा समय पर पहुंच गईं, लेकिन डॉ. मुन्नालाल CMO की फटकार के बाद दोपहर 2:05 बजे पहुंचे, जबकि डॉ. आशीष दोपहर 2 बजे तक भी नहीं पहुंचे। बताया गया कि दोनों डॉक्टरों ने पोस्टमॉर्टम हाउस प्रभारी के फोन भी नहीं उठाए।
मामले की शिकायत CMO डॉ. हरिदत्त नेमी से की गई। CMO ने पोस्टमॉर्टम हाउस प्रभारी डॉ. नवनीत चौधरी से बात कर कारण जाना, तो सामने आया कि डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं पहुंचे हैं। इसके बाद CMO ने संबंधित डॉक्टरों को फोन कर फटकार लगाई, तब उन्होंने देर से पहुंचने पर माफी मांगते हुए जल्द आने की बात कही।डॉक्टरों की लापरवाही के चलते परिजन घंटों ठंड में शवों के साथ बैठे रहे। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठने लगी है।

.jpeg)
