वाराणसी स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय (MGKVP) में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित UGC बिल के विरोध में बुधवार सुबह छात्रों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया। बड़ी संख्या में छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन करते हुए UGC के खिलाफ नारेबाजी की और सभी विभागों की परीक्षाएं रद्द करा दीं। सबसे पहले भारी संख्या में छात्र मानविकी संकाय पहुंचे, जहां उन्होंने संकाय को बंद कराया। इसके बाद प्रदर्शनकारी छात्रों ने विश्वविद्यालय के आठ संकायों में तालाबंदी कर दी। छात्रों के हाथों में “UGC गो बैक” और “UGC काला कानून वापस लो” लिखे पोस्टर थे और वे लगातार नारेबाजी कर रहे थे।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने मुख्य गेट और पंत प्रशासनिक भवन को भी बंद करा दिया। कुलपति कार्यालय के बाहर छात्रों ने “UGC गो बैक” और “हर-हर महादेव” के नारे लगाए। देखते ही देखते सैकड़ों छात्र विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर जुट गए, जिससे परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई।छात्रों का कहना है कि नया UGC बिल विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर सीधा हमला है। उनका आरोप है कि इस बिल के जरिए उच्च शिक्षा व्यवस्था का केंद्रीकरण किया जा रहा है, जिससे शिक्षकों और छात्रों दोनों के अधिकार सीमित हो जाएंगे और सभी अहम निर्णय केंद्र सरकार के हाथ में चले जाएंगे।स्थिति को देखते हुए विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। छात्रों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की भी बात कही है।फिलहाल UGC बिल को लेकर वाराणसी के शैक्षणिक माहौल में तनाव और असंतोष का माहौल बना हुआ है। आंदोलन के आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।इस प्रदर्शन में छात्र नेता राज मंगल पांडे, अंकुर तिवारी, गौरव सिंह, आशुतोष तिवारी, हर्षित, सौरभ सिंह, शशि राय, शिवम तिवारी, गणेश सिंह, गुरु प्रकाश सिंह, युवराज पांडे, शाहिद समेत बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।

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