मकर संक्रांति के पावन पर्व पर नगर में उल्लास और उमंग का माहौल देखने को मिला। सुबह से ही बच्चे, महिलाएं और पुरुष “हर हर महादेव” और “भक्का टा” की गूंज के साथ पूरे उत्साह से पतंग उड़ाते नजर आए। नीले आकाश में एक से बढ़कर एक रंग-बिरंगी पतंगें छटा बिखेरती रहीं।
लोगों ने परंपरागत रूप से तिलवा पट्टी का आनंद लिया, वहीं छतों और मैदानों पर पतंगबाजी का रोमांच भी चरम पर रहा। पतंग लड़ाने के दौरान एक-दूसरे की पतंग काटने की होड़ लगी रही, जिससे माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया।
इस बीच लोगों ने चाइना मांझे का बहिष्कार करते हुए इसे खतरनाक बताया और इसके उपयोग से बचने की अपील की। नागरिकों ने कहा कि चाइना मांझा न केवल पक्षियों बल्कि आम लोगों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है।मकर संक्रांति के अवसर पर नगर में परंपरा, आनंद और सामाजिक जागरूकता का सुंदर संगम देखने को मिला।

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