गणतंत्र दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की आत्मा का उत्सव है। इस लोकतांत्रिक चेतना को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में पत्रकारिता की भूमिका सदैव केंद्रीय रही है। यह विचार गणतंत्र दिवस के अवसर पर पराड़कर स्मृति भवन में आयोजित मीडिया खेल पुरस्कार वितरण समारोह में सूबे के श्रम एवं नियोजन मंत्री अनिल राजभर ने व्यक्त किए।उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं और उनके हितों, अधिकारों व समस्याओं के समाधान के लिए सरकार हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।
कार्यक्रम में उपस्थित सूबे के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने कहा कि काशी केवल आध्यात्मिक नगरी ही नहीं, बल्कि वैचारिक, बौद्धिक और सामाजिक चेतना का भी प्राचीन केंद्र रही है। आधुनिक हिंदी पत्रकारिता की नींव को मजबूत करने में काशी की ऐतिहासिक भूमिका रही है। भारतेंदु हरिश्चंद्र से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन के दौर के अनेक संपादकों और लेखकों ने पत्रकारिता को सामाजिक सरोकार, राष्ट्रीय चेतना और जनपक्षधरता से जोड़ा।महापौर अशोक तिवारी ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता संविधान प्रदत्त अधिकार है, जिसका प्रयोग सत्य, न्याय और लोकहित के लिए किया जाना चाहिए। काशी की पत्रकारिता परंपरा सदैव इन मूल्यों की वाहक रही है। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने पराड़कर जी की स्मृति स्थली के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए हर स्तर पर सहयोग का आश्वासन भी दिया।
कार्यक्रम से पूर्व काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष अरुण मिश्र ने पराड़कर स्मृति भवन पर ध्वजारोहण किया। अतिथियों का स्वागत अरुण मिश्र ने किया, कार्यक्रम का संचालन महामंत्री जितेंद्र श्रीवास्तव ने तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. जय प्रकाश श्रीवास्तव ने किया।पुरस्कार वितरण समारोह में कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव, सहायक श्रमायुक्त अविनाश चंद्र तिवारी, काशी पत्रकार संघ के पूर्व अध्यक्ष योगेश गुप्त, राजनाथ तिवारी, सुभाष चंद्र सिंह, डॉ. अत्रि भारद्वाज, वाराणसी प्रेस क्लब के अध्यक्ष चंदन रुपानी, मंत्री विनय शंकर सिंह, कोषाध्यक्ष संदीप गुप्त सहित वरिष्ठ पत्रकार, जनप्रतिनिधि, व्यापारी नेता एवं बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी उपस्थित रहे।

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