मकर संक्रांति के पावन स्नान पर्व पर संगम नगरी प्रयागराज में देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। रोडवेज की ओर से इस बार व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि बढ़ती भीड़ के बावजूद यात्रियों को घंटों इंतजार न करना पड़े।
चार अस्थायी बस स्टेशनों से होगा संचालन
श्रद्धालुओं की सुविधा और शहर में जाम की स्थिति से बचने के लिए रोडवेज ने चार प्रमुख स्थानों पर अस्थायी बस स्टेशनों की व्यवस्था की है। झूंसी को मुख्य अस्थायी बस अड्डे के रूप में विकसित किया गया है। इसके अलावा लेप्रोसी चौराहा से भी बसों का सुचारू संचालन शुरू हो चुका है। वहीं नेहरू पार्क और बेला कछार को आकस्मिक योजना (कंटिन्जेंसी प्लान) के तहत तैयार रखा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर इनका उपयोग किया जा सके।
पीक डेज पर 3800 बसें, 400 का बैकअप प्लान
परिवहन विभाग ने बस संचालन को दो श्रेणियों में विभाजित किया है। सामान्य दिनों में 1800 बसें संचालित की जाएंगी, जबकि मकर संक्रांति जैसे प्रमुख स्नान पर्वों पर 3800 बसों को सड़क पर उतारने का लक्ष्य रखा गया है।क्षेत्रीय अधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि भीड़ के दबाव को देखते हुए एक मजबूत रिजर्व प्लान भी तैयार किया गया है। 3800 बसों के अलावा 200 बसें आपातकालीन रिजर्व में रखी गई हैं। इसके साथ ही 200 अतिरिक्त शटल बसें भी तैयार हैं, जिनका उपयोग शहर के भीतर से यात्रियों को बस स्टेशनों तक पहुंचाने या किसी क्षेत्र में अचानक भीड़ बढ़ने की स्थिति में किया जाएगा। इस तरह कुल 4000 बसें श्रद्धालुओं की सेवा में मुस्तैद रहेंगी।उन्होंने कहा कि रोडवेज का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी श्रद्धालु बस स्टेशन पर फंसा न रहे और सभी को सुरक्षित, सुगम व समय पर यात्रा की सुविधा मिल सके।

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