वाराणसी के राजातालाब क्षेत्र में एक ही रात में चार जल निगम केंद्रों में हुई चोरी की घटनाओं ने पुलिस की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जल जीवन मिशन के तहत स्थापित इन केंद्रों को अज्ञात चोरों ने निशाना बनाकर हजारों रुपये के कीमती उपकरण चोरी कर लिए, जिससे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है।जानकारी के अनुसार, बीती रात चोरों ने राजातालाब क्षेत्र के दीपापुर, बभनियांव और ढढोरपुर गांवों में स्थित जल निगम पंप हाउसों में सेंध लगाई। दीपापुर स्थित जल निगम केंद्र के ऑपरेटर रवि ने बताया कि चोर छत के रास्ते कमरे में घुसे और वहां लगी करीब दो दर्जन बैटरियों के तार काटकर बैटरियां उठा ले गए।
सुबह जब कर्मचारी पंप हाउस पहुंचे तो चोरी की जानकारी हुई।इसी तरह बभनियांव जल निगम केंद्र के ऑपरेटर ने बताया कि चोर वहां से 24 बैटरियां और डीजल जनरेटर की एक बड़ी बैटरी चोरी कर ले गए। वहीं, ढढोरपुर जल निगम केंद्र के ऑपरेटर सुभाष ने बताया कि उनके केंद्र से चोरों ने 20 किलोवाट के डीजल जनरेटर का अल्टरनेटर और बैटरी चुरा ली।इन तीन घटनाओं के अलावा जंसा थाना क्षेत्र के गंजारी गांव स्थित जल निगम केंद्र से भी 24 बैटरियां चोरी होने की सूचना है। एक ही रात में चार जल निगम केंद्रों को निशाना बनाए जाने से क्षेत्र की कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि राजातालाब पुलिस की उदासीनता के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
उनका कहना है कि क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के बावजूद पुलिस गश्त नाम मात्र की है और रात में नियमित निगरानी नहीं की जाती। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि हर बार पुलिस घटना के बाद सिर्फ औपचारिकता निभाने मौके पर पहुंचती है।चारों स्थानों से चोरी की सूचना मिलने के बाद राजातालाब पुलिस की अलग-अलग टीमें फॉरेंसिक विशेषज्ञों के साथ जांच में जुटी हुई हैं। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की जांच अक्सर कागजों तक ही सीमित रह जाती है और चोरों तक पहुंचने में नाकाम साबित होती है।फिलहाल पुलिस का दावा है कि मामले की जांच की जा रही है, लेकिन लगातार हो रही चोरियों ने जल जीवन मिशन की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

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