वाराणसी: जमीन विवाद में घायल महिला की मौत, 10 दिन बाद भी मुख्य आरोपी फरार

मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के चित्रसेनपुर गांव में जमीन विवाद को लेकर हुई मारपीट में घायल महिला की मौत के बाद भी मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। घटना के 10 दिन बीत जाने के बावजूद मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से मृतका के परिजनों में गहरा आक्रोश है। परिजन लगातार इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं और पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं।मृतका सुनीता देवी (35) के पति मुन्ना का कहना है कि पत्नी को गए एक हफ्ते से ज्यादा हो गया है, लेकिन मुख्य आरोपी अब तक फरार हैं। पुलिस बार-बार उन्हें थाने बुला रही है, जबकि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। परिवार को लगातार डर बना हुआ है। बच्चे दिन-रात रोते-बिलखते रहते हैं। उनका आरोप है कि मिर्जामुराद थाने की पुलिस मामले में हीलाहवाली कर रही है। यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे मुख्यमंत्री तक शिकायत करने जाएंगे।

मृतका की सास कलावती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उनकी आवाज भर्रा जाती है। उन्होंने कहा कि उनके तीन नाती अब किसे मां कहकर पुकारेंगे। बच्चों की देखभाल कौन करेगा। उनकी बहू को उनके सामने से छीन लिया गया और पुलिस अब तक हत्यारों को नहीं पकड़ पाई। उन्होंने इसे गरीब परिवार के साथ बड़ा अन्याय बताया।बताया जा रहा है कि 17 जनवरी को चित्रसेनपुर गांव में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट हो गई थी। इसी दौरान आरोपियों ने फरसे से वार कर सुनीता देवी को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। परिजन उन्हें आनन-फानन में पहले एक निजी अस्पताल ले गए, जहां हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया।दो दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद सोमवार की सुबह सुनीता देवी ने दम तोड़ दिया। मौत की खबर गांव पहुंचते ही आक्रोश फैल गया। गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने गांव में ही शव रखकर करीब तीन घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

हालात बिगड़ते देख मौके पर एसीपी राजातालाब, एसडीएम राजातालाब समेत भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात की गई। अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद स्थिति को किसी तरह शांत कराया गया।थाना प्रभारी प्रमोद कुमार पांडेय ने बताया था कि मामले में आरोपी कुलदीप पटेल के पिता विक्रम पटेल (72) और मां चंद्रावती (67) को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। हालांकि मुख्य आरोपी कुलदीप, नीतू और श्रेयांश अब भी फरार हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें गठित कर लगातार दबिश दी जा रही है।पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव लाया गया तो माहौल एक बार फिर तनावपूर्ण हो गया। करीब तीन घंटे तक हंगामा चला, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन के हस्तक्षेप से स्थिति नियंत्रित हुई। बाद में शव को मिर्जापुर के बरौनी घाट पर अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।फिलहाल गांव में एहतियातन पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की गई है। अधिकारी हालात पर नजर बनाए हुए हैं। ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश दोनों व्याप्त हैं। परिजनों का कहना है कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और उन्हें सख्त सजा नहीं मिलती, तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगे। गांव की गलियों में अब भी उस दिन की चीख-पुकार की गूंज सुनाई देती है और मासूम बच्चों की आंखों में मां की तलाश साफ झलक रही है।



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