स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग में वाराणसी को टॉप-5 शहरों में लाने के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है। इंदौर मॉडल की तर्ज पर शहर के 6 वार्डों को जीरो वेस्ट जोन बनाने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है।इन मॉडल वार्डों में नारायणपुर, डिठौरी महाल, चेतगंज, कालभैरव, पियरी कला और पिशाचमोचन शामिल हैं। इन क्षेत्रों में निकलने वाले कचरे का 100 प्रतिशत निस्तारण स्थानीय स्तर पर या प्रोसेसिंग प्लांट में किया जाएगा।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि काशी को देश के सबसे स्वच्छ शहरों की सूची में शीर्ष पर लाने के लिए मॉडल वार्ड योजना को धरातल पर उतारा जा रहा है। इन वार्डों में सफाई व्यवस्था को हाईटेक बनाया जा रहा है।सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए इन वार्डों की GIS मैपिंग की गई है, जिससे सफाई कर्मचारियों की डिजिटल निगरानी हो सकेगी। साथ ही डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन वाहनों की GPS ट्रैकिंग भी की जा रही है।
नगर निगम ने लोगों से अपील की है कि वे गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखें। सफाई कर्मचारी केवल तभी कूड़ा उठाएंगे, जब वह अलग-अलग रखा होगा।इसके अलावा, परिसीमन के बाद जुड़े 25 नए क्षेत्रों में भी डोर-टू-डोर कूड़ा उठान की व्यवस्था लागू की जाएगी। दिसंबर 2025 से इन वार्डों में निजी एजेंसियों के जरिए सफाई व्यवस्था संचालित की जाएगी।

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