चित्रकूट एक चर्चित मामले में अदालत ने सोशल मीडिया पर एक युवती का वीडियो वायरल करने और उससे जुड़े घटनाक्रम में तीन लोगों की मौत के लिए आरोपी को दोषी ठहराते हुए 10 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी का कृत्य न केवल निजता का गंभीर उल्लंघन था, बल्कि उसने परिवार को सामाजिक और मानसिक रूप से इस कदर प्रताड़ित किया कि हालात बेकाबू हो गए।क्या है मामला?पुलिस के अनुसार, आरोपी ने निजी वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित किया, जिसके बाद पीड़ित परिवार को भारी सामाजिक दबाव और बदनामी का सामना करना पड़ा। जांच में सामने आया कि वीडियो वायरल होने के बाद परिवार के तीन सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
कोर्ट की टिप्पणीअदालत ने अपने आदेश में कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर किसी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना गंभीर अपराध है। न्यायाधीश ने माना कि आरोपी के कृत्य ने पीड़ितों को मानसिक रूप से उकसाने और प्रताड़ित करने की स्थिति पैदा की।सजा और जुर्मानाकोर्ट ने आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आर्थिक दंड भी लगाया गया है।समाज के लिए संदेशविशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला डिजिटल अपराधों पर सख्त संदेश देता है। सोशल मीडिया पर किसी भी निजी सामग्री को साझा करने से पहले उसके कानूनी और सामाजिक परिणामों को समझना जरूरी है।

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