शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ न्यायालय के आदेश के कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए झूंसी थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। एफआईआर में अविमुक्तेश्वरानंद को नामजद करते हुए नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण और धमकाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उनके साथ उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी और तीन अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है।
कोर्ट के आदेश के बाद देर रात दर्ज हुई एफआईआर
न्यायालय ने शनिवार को आशुतोष ब्रह्मचारी के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए अविमुक्तेश्वरानंद व अन्य के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया था। आदेश के बाद शनिवार देर रात ही झूंसी थाने में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
रामभद्राचार्य के शिष्य ने लगाए आरोप
जगदगुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य पर नाबालिगों के यौन शोषण का आरोप लगाया है। उन्होंने न्यायालय में दो नाबालिग लड़कों के बयान भी दर्ज करवाए। बताया गया है कि दोनों लड़कों ने कैमरे के सामने अपने बयान दिए।तहरीर के अनुसार, माघ मेला के दौरान आयोजित एक शिविर में दो नाबालिग लड़के पहुंचे थे। आरोप है कि दोनों ने स्वयं को अविमुक्तेश्वरानंद का शिष्य बताते हुए उनके साथ हुए यौन शोषण की जानकारी दी। शिकायत में कहा गया है कि महाकुंभ 2025 और माघ मेला 2026 के दौरान कई बार जबरन यौन शोषण किया गया तथा विरोध करने पर उन्हें डराया-धमकाया गया।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस का कहना है कि कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और प्रकरण की विवेचना की जा रही है। संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।मामले को लेकर धार्मिक और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष और विधिक प्रक्रिया के तहत की जाएगी।

