बागपत कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक ही परिवार के चार लोग पेट्रोल लेकर आत्मदाह करने पहुंच गए। जैसे ही उन्होंने खुद को आग लगाने का प्रयास किया, मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें पकड़ लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।आत्मदाह के प्रयास के दौरान ज्योति शर्मा ने एक महिला के हाथ से पेट्रोल की बोतल छीनकर दूर फेंक दी। इस दौरान परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और परिजन रोने-बिलखने लगे। सूचना मिलते ही पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।मामला सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा है। परिजनों के अनुसार, नवंबर माह में गांव में एक झोलाछाप डॉक्टर ने किराए पर क्लीनिक खोला था। आरोप है कि इसी दौरान उसकी एक युवती से नजदीकी बढ़ी और करीब एक महीने बाद वह युवती को अपने साथ लेकर फरार हो गया।
परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बाद में पुलिस ने युवती को पानीपत से बरामद कर लिया और मुकदमा दर्ज किया। पीड़िता के भाई का आरोप है कि युवती को दवा के बहाने नशीला पदार्थ दिया गया और उसके साथ दुष्कर्म किया गया। उनका कहना है कि युवती की बरामदगी तो हो गई, लेकिन आरोपी अब तक गिरफ्तार नहीं हुआ है।परिवार का आरोप है कि शिकायत के बावजूद लंबे समय तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई और समझौते का दबाव बनाया जाता रहा। न्याय न मिलने से आक्रोशित होकर उन्होंने आत्मदाह जैसा कदम उठाने की कोशिश की। परिजनों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे दोबारा कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे।एसडीएम ज्योति शर्मा ने बताया कि कुछ लोग अपनी शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट आए थे और मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं। वहीं कुलदीप सिंह ने कहा कि मुकदमा दर्ज है और आरोपी की तलाश की जा रही है। जांच जारी है।

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