वाराणसी। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री Anupriya Patel ने Banaras Hindu University (BHU) में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारत को अपने जरूरतों के अनुसार भारत-केंद्रित एआई (Artificial Intelligence) टूल्स विकसित करने चाहिए।उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में एआई का उपयोग बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ सुरक्षा, जिम्मेदारी और नैतिकता का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। बिना उचित नियम और निगरानी के एआई का इस्तेमाल मरीजों के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।
मंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मजबूत और आधुनिक स्वास्थ्य प्रणाली जरूरी है। एआई तकनीक इलाज को तेज, सस्ता और सुलभ बना सकती है, लेकिन इसमें डेटा सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।कार्यक्रम में डॉक्टरों, शोधकर्ताओं और छात्रों ने भी भाग लिया। विशेषज्ञों ने कहा कि भारत की जनसंख्या और जरूरतों को देखते हुए स्वदेशी एआई समाधान तैयार करना समय की मांग है।मंत्री ने विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं से अपील की कि वे स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में ऐसे एआई मॉडल विकसित करें, जो देश के आम लोगों के लिए फायदेमंद हों।

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